जब भी मै आजकल लोगो के बीच जो नफ़रत की आग जल रही है,उसे देखता हूँ, तो मन खिन्न हो जाता है। आजकल लगातार मोहब्बत की कमी होती जा रही है, लोग नफरत की आग में जल रहे है, और कुछ युवा इस आग में जलाएं जा रहे है।
कही पर धर्मो का नफ़रत, तो कही पर जातियो का नफ़रत। कुछ नही हासिल होने वाला है इस बेबुनियाद नफ़रत से, जिसका अंत सिर्फ खून खराब,हत्या और मार काट है, इंसान-इंसान के बीच।और कहीं न कहीं ये नफ़रत समाज के लोगो में, युवाओ में इस लिए पैदा किया जा रहा है, ताकि उस नफ़रत के तवे पर राजनैतिक रोटियां सेका जा सके।
मीडिया चीज़ों को ऐसे दिखाती है मालूम पड़ता है देश में विकास के नाम पर सभी मसले हल हो गए है बस दो मुद्दे रह गए है.......
1-तीन तलाक
2-गौ हत्या
मै ये नही कहता ये मुद्दा नही होना चाहिए, बिलकुल होना चाहिए, परंतु जरा इस पे भी बात तो करनी चाहिए......
1-गांव के अस्पताल में डॉक्टर और दवाएं है की नही।
2-प्राथमिक विद्यालयो में शिक्षक टाइम से पढ़ा रहे की नही।
3-क्या बात है की समाज में भिखारियो की संख्या में कमी नही आ रही।
4-क्या हमारी शिक्षा ऐसी है की जो युवाओ में हुनर पैदा कर रही की नही।
5-क्या गांव की सड़के बनी की नही।
6- हर गरीब को दो वक्त का खाना और शुद्ध पेय जल मिल पा रहा की नही।
ऐसी तमाम समस्याएं है जिनका लिस्ट मै आपलोगो के सामने रखू तो आपलोगो का पढ़ने में काफी वक्त जाया हो जायेगा।
हम सभी युवाओ को एक पल के लिए किसी के भी बहकावे में आने से पहले खुद ब खुद सोचना चाहिए। क्या हम जो कर रहे या हमारे राजनेता हमको करने के लिए कह रहे उससे मेरा और समाज का क्या फायदा है। क्या ये सिर्फ राजनैतिक फायदे के लिए तो नही किया जा रहा है।और आजकल तो अफ़वाह फ़ैलाने और आपस में नफ़रत फलाने का सबसे आसान माध्यम बन गया है,व्हाट्सअप, फेसबुक लोग अपने तरीको से एक दूसरे धर्म और जातियो के प्रति लोगो को भड़काते है,उनके बीच नफ़रत फैलाते और फिर आपस में लड़ाते है।
शायद आज का युवा ये भूल गया है, भारत की संस्कृति #गंगा_जमुनी_तहजीब की रही है, ईद-दीवाली एक ही महीने में मनाने की रही है, सर्व धर्म समानता की परिचालक रही ये भारतीय संस्कृति में ये #नफ़रत का बोलबाला कहा से समाहित हो गया।
ना तेरा है ना मेरा है,ये हिंदुस्तान सबका है।
गर ना समझी गई ये बात तो नुकसान सबका है।।
हमेशा हम सभी को देश और धर्म को मिला कर नही देखना चाहिए, ये दोनों बिल्कुल अलग अलग है।
जाति धर्म का मानव से कैसा ये झूठा नाता है,बस यही बात अब मुझे समझ में नही आता है।
