ज़्यादातर युवाओ के मन में, ख़ास कर किशोरों के मन में ये प्रश्न उथल पुथल मचाएं रखता है कि पढ़ाई के साथ प्यार करना सही है या गलत ??
देखिये कोई भी चीज़ सही या गलत एक दूसरे के रिस्पेक्ट में होती है, जैसे यदि प्यार के चक्कर में पढ़ाई डिस्टर्ब हो रही तो प्यार गलत है, प्यार और पढ़ाई दोनों जिन्दगी रूपी ट्रेन कि पटरियां है, जो एक दूसरे में कभी भी मिलती नही है।और हमे आपको एक दूसरे से मिलने भी नही देना है, वरना जब मिला तो दुर्घटना होना तो तय है।मेरा मनना है यदि आप पढ़ाई करने के साथ साथ boyfriend/girlfriend बनाते है तो बनाइये और उसको एन्जॉय भी करिये पर हाँ 'उस पार्ट ऑफ़ लाइफ' के किसी भी टेंशन को ले कर पढ़ाई ना डिस्टर्ब होने पाये तो, क्योंकि जब आप बाहर देखते होंगे सबके सब अपने अपने पेयर्स में है तो शायद एक पल के लिए आपको कमी या अकेलापन महशुस होता होगा और कहि न कहि वो अकेलापन आपकी पढ़ाई डिस्टर्ब कर देता है ,मगर यदि आपके पास कोई कमी ना हो
या फिर आप खुश हो तो पढ़ाई में भी मन लगेगा।

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